क्या करे की जो आप चाहे वही हो

क्या करे की जो आप चाहे वही हो

क्या करे की जो आप चाहे वही हो

access_timeMonday, 1 May, 2017 chat_bubble_outline0 comments

क्या ऐसा कभी हो सकता है की जो आप चाहे वही हो । हा ऐसा हो सकता है जरुर हो सकता है । आप कहेगे ये केसे संभव है

मै आपको बताता हु एक बार का किस्सा है मेरा मन किसी बात से बहुत दुखी था तो मै मदिर चला गया । गुस्से में भगवान से बोला आप मेरी कोई बात नही सुनते जबकि मै आपकी इतनी पूजा आराधना करता हु । तभी मुझे आवाज आई की कोन कहता हैं की मै तुम्हारी बात नही सुनता ।

मै तो हमेशा ही तेरी बात सुनता हु । मेने बड़े आश्चर्य से पूछा । वो कैसे भगवान । 

तो भगवान बोले वत्स ।

तू करता वो है जो तू चाहता है पर होता वो है जो मै चाहता हु । इसलिए कर वो जो मै चाहता  हु तो होगा वो जो तू चाहता है 

ऊपर वाली लाइन बहुत धीरे धीरे पढ़े। तब समझ में आएगी ।

तो अब आप कहेगे ये क्या तू चाहता है मै चाहता हु चल रहा है कुछ समझ नही आया 

में आपको बताता हु । ईश्वर इस सृष्टी के कण कण में है और हम इस सृष्टी के प्राणी है तो वो हम में भी है तो हमारे हर काम को करने में वो हमारी मदद ठीक उसी तरह जिस तरह जिस तरह कोई माता पिता, अपने बच्चे के पहली बार खड़े होने में करते है जब वो चलने का प्रयास करता है 

आइये आपको इसका एक उदहारण देता हु । गीता का ये शलोक सभी ने सुना है की । तू कर्म कर और फल की इच्छा मत कर। 

पर होता क्या है आज की दुनिया में पहले फल के बारे में और फिर कर्म के बारे में सोचते है ।

जब आप कोई काम करने जाते है और जो सबसे पहले आपकी अंतरात्मा से आवाज आये वाही परमात्मा की आवाज है ।

पर ये आवाज इतनी कम समय के लिए होती है की हम सुन ही नही पाते ।

क्यों की तब तक आपका दिमाक उस पर कम करना शुरु कर देता है और उस आवाज को पूरी तरह दबा देता है ।

अपने मन के लोभ, मोह अहंकार इर्षा को हटाये तो आप को उस परम पिता परमात्मा की आवज साफ सुनाई देगी ।

आशा करता हु की अब वही होगा जो आप चाहेगे । मेरा ये लेख आपकी सकारात्मक उर्जा को जरुर बढाएगा ।


एक आम भारतीय के key board से क्योकि ।

अब कलम नही key board है ।

 

 

 

 


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